KALYANINSTITUTE

B.Ed

अधिगम के लिए आकलन

अधिगम के लिए आकलन एक प्रणाली और प्रक्रिया है जो छात्रों में सीखने का मूल्यांकन एक साथ होती है। इसका उपयोग कहीं भी सीखने के लिए किया जाता है, चाहे वह शिक्षा का स्थान हो या कार्य का स्थान हो। एस्टीमेट विद्यार्थियों को उनकी शिक्षण पद्धतियों की प्रगति के बारे में और संकाय प्रदान करता […]

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समकालीन भारत और शिक्षा

समकालीन भारत और शिक्षा शिक्षा के द्वारा मानव की इन जन्मजात शक्तियों का विकास, उसके ज्ञान एवं कला कौशल में वृद्धि एवं व्यवहार में परिवर्तन किया जाता है और उसे सभ्य, सुसंस्कृत एवं योग्य नागरिक बनाया जाता है। यह कार्य मानव के जन्म से ही उसके परिवार द्वारा अनौपचारिक रूप से तत्पश्चात विद्यालय भेजकर औपचारिक

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Understanding Disciplines and Subjects

Understanding Disciplines and subjects is very essential in the all-round development of children. Along with linguistics and linguistic understanding, it is very important to have disciplinary knowledge and subjective knowledge, relevance and adjustment of traditional knowledge and scientific knowledge in the school education of children. Due to which the student can carry forward the educational

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ज्ञान एवं पाठ्यक्रम

आजकल ज्ञान का महत्त्व बहुत ज्यादा है। जिसका ज्ञान जितना ज्यादा और नवीनतम  है वह उतना ही ज्यादा दूसरों को प्रभावित करता है। वह जहाँ भी होता है, या जहाँ भी जाता है वहीं उसे पहचान मिलती है। शिक्षा व्यक्ति को पर्याप्त ज्ञान देती है, उसे नवीनतम करती है तथा ज्ञान की दृष्टि से गम्भीर

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पाठ्यक्रम और विषयों की समझ

बच्चों के सर्वांगीण विकास में पाठ्यक्रम और विषयों की समझ बहुत ही अनिवार्य है। बच्चों की स्कूली शिक्षा में भाषा विज्ञान तथा भाषाई समझ के साथ-साथ अनुशासनात्मक ज्ञान और व्यक्तिपरक ज्ञान, प्रासंगिकता तथा पारंपरिक ज्ञान तथा वैज्ञानिक ज्ञान का समायोजन होना बहुत ही आवश्यक है। जिससे विद्यार्थी प्राचीनतम एवं आधुनिकता के साथ समन्वय स्थापित करके

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पाठ्यक्रम में भाषा

भाषा वह साधन है जिसके द्वारा हम अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं और इसके लिये हम वाचिक ध्वनियों का प्रयोग करते हैं। विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में भाषा का अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण योगदान है जिसके माध्यम से विचारों को समझना और विचारों को व्यक्त करना शामिल हैं। भाषा, मुख से उच्चारित होने

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बाल्यावस्था एवं विकास

मनोविज्ञान का आशय प्राणी के व्यवहार का अध्ययन है तथा शिक्षा को प्राणी के विकास की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है। बाल्यावस्था एवं विकास जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मनोविज्ञान का विशेष महत्व है। बौद्धिक, शारीरिक, संवेगात्मक और सामाजिक दृष्टि से मानव के द्वारा जितने भी कार्य किए जाते हैं, उन समस्त

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