तीनों कृषि कानून वापस, जानें- PM मोदी ने फैसला वापस लेने की क्या बताई वजह
सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर लंबे समय से विरोध चल रहा है. ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी ने आज जैसे ही गुरुनानक देवजी की 552वीं जयंती(Guru Nanak Jayanti 2021) पर आज यानी 19 नवंबर को तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया, देश के नाम संदेश में साफ कर दिया है कि केंद्र इन तीनों कानूनों को वापस ले लिया जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि हम किसानों को समझा नहीं सके इसलिए इन कानूनों को वापस ले रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘किसानों की स्थिति को सुधारने के इसी महाअभियान में देश में तीन कृषि कानून लाए गए थे.इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे।
जाने की ये 3 कृषि कानून क्या थे–
हम अपनी कोशिश के बावजूद किसान को नहीं समझा पाए’
पीएम मोदी ने कहा, ‘किसानों की स्थिति को सुधारने के इसी महाअभियान में देश में तीन कृषि कानून लाए गए थे. मकसद ये था कि देश के किसानों को, खासकर छोटे किसानों को, और ताकत मिले, उन्हें अपनी उपज की सही कीमत और उपज बेचने के लिए ज्यादा से ज्यादा विकल्प मिले.’उन्होंने कहा, ‘बरसों से ये मांग देश के किसान, देश के कृषि विशेषज्ञ, देश के किसान संगठन लगातार कर रहे थे.
पहले भी कई सरकारों ने इस पर मंथन किया था. इस बार भी संसद में चर्चा हुई, मंथन हुआ और ये कानून लाए गए. देश के कोने-कोने में कोटि-कोटि किसानों ने, अनेक किसान संगठनों ने, इसका स्वागत किया, समर्थन किया. मैं आज उन सभी का बहुत आभारी हूं ; ।
इन कृषि कानूनों को लेकर किसान आंदोलन क्यों कर रहे थे-
देशवासियों से माफी मांग, तीनों कानून की वापसी का ऐलान
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देशवासियों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा, ‘साथियों, मैं देशवासियों से क्षमा मांगते हुए, सच्चे मन से और पवित्र हृदय से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में ही कोई कमी रह गई होगी जिसके कारण दिए के प्रकाश जैसा सत्य, कुछ किसान भाइयों को हम समझा नहीं पाए।’ पीएम ने कहा कि चूंकि सरकार हर प्रयास के बावजूद किसानों को समझा नहीं पाई, इसलिए कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला लिया गया है। पीएम ने कहा कि इसकी प्रक्रिया भी इसी संसद सत्र में पूरी कर दी जाएगी।
इस फैसले पर आंदोलन कर रहे किसानों का कहना
आंदोलनकारी किसान बोले-आंदोलन जारी रहेगा कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के फैसले पर किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया दी है। टिकैत ने अपने ट्वीट में कहा है कि किसानों का आंदोलन वापस नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अब सरकार के साथ एमएसपी MSP और किसान से जुड़े अन्य मुद्दों पर बात होगी। टिकैत ने कहा कि संसद में कृषि कानूनों को रद्द होने के दिन का वह इंतजार करेंगे।
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